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Saturday, July 22, 2017

श्रवण मॉस में दिन अनुसार शिव पूजा का फल

श्रावण मॉस में दिन अनुसार शिव पूजा का फल- 🙏🙏

रविवार-   पाप नाशक 
सोमवार-  धन लाभ 
मंगलवार- स्वस्थ्य लाभ, रोग निवारण 
बुधवार-    पुत्र प्राप्ति 
गुरूवार-   आयु कारक
शुक्रवार-   इन्द्रिय सुख 
शनिवार-   सर्व सुखकारी 

श्रावण मॉस में शिव पूजा हेतु शास्त्रोक्त उत्तम स्थान-

तुलसी, पीपल व वट वृक्ष के समीप , नदी, सरोवर का तट, पर्वत की चोटी, सागर तीर , मंदिर, आश्रम, तीर्थ अथवा धार्मिक स्थल, पावन धाम, गुरु की शरण में

शिव पूजा व पुष्प 

बिल्वपत्र- जन्म जन्मान्तर के पापो से मुक्ति
           (पूर्व जन्म के पाप आदि) 
कमल-      मुक्ति, धन, शांति प्रदायक 
कुशा-        मुक्ति प्रदायक 
दूर्वा-         आयु प्रदायक 
धतूरा-        पुत्र सुख प्रदायक 
आक-         प्रताप वृद्धि 
कनेर-         रोग निवारक 
श्रंघार पुष्प- संपदा वर्धक 
शमी पत्र-    पाप नाशक 

शिव अभिषेक व पूजा में प्रयुक्त द्रव्य विशेष के फल- 

मधु-              सिद्धि प्रद
दुग्ध से-          समृद्धि दायक 
कुषा जल-       रोग नाशक 
ईख रस-          मंगल कारक 
गंगा जल-        सर्व सिद्धि दायक 
ऋतू फल के रस- धन लाभ 

शिव आराधना के मंत्र व अनुष्ठान-

|| नमोस्तुते शंकरशांतिमूर्ति | नमोस्तुते चन्द्रकलावत्स ||
|| नमोस्तुते कारण कारणाय | नमोस्तुते कर्भ वर्जिताय ||

अथवा 

|| ॐ नमस्तुते देवेशाय नमस्कृताय भूत भव्य महादेवाय हरित पिंगल लोचनाय ||

अथवा 

|| ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः ||

अथवा 

|| ॐ दक्षिणा मूर्ति शिवाय नमः ||

अथवा 

|| ॐ दारिद्र्य दुःख दहनाय नम: शिवाय ||

अथवा 

|| वृषवाहनः शिव शंकराय नमो नमः |
ओजस्तेजो सर्वशासकः शिव शंकराय नमो नमः ||

Thursday, July 06, 2017

भगवान शिव को कौन सी चीज़ चढाने से मिलता है क्या फल

शिवजी की पूजा में ध्यान रखने योग्य बात

शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव को कौन सी चीज़ चढाने से
मिलता है क्या फल

किसी भी देवी-देवता का पूजन करते वक़्त उनको अनेक चीज़ें
अर्पित की जाती है। प्रायः भगवन को अर्पित की जाने वाली हर
चीज़ का फल अलग होता है। शिव पुराण में इस बात का वर्णन
मिलता है की भगवन शिव को अर्पित करने वाली अलग-अलग
चीज़ों का क्या फल होता है।
..                  🌹अनाज🌹

शिवपुराण के अनुसार जानिए कौन सा अनाज भगवान शिव को
चढ़ाने से क्या फल मिलता है

   1. भगवान शिव को चावल चढ़ाने से धन की प्राप्ति होती है।
   2. तिल चढ़ाने से पापों का नाश हो जाता है।
   3. जौ अर्पित करने से सुख में वृद्धि होती है।
   4. गेहूं चढ़ाने से संतान वृद्धि होती है।यह सभी अन्न भगवान.
..                  🌷 द्रव्य 🌷

को अर्पण करने के बाद गरीबों में वितरीत कर देना चाहिए।
शिवपुराण के अनुसार जानिए भगवान शिव को कौन सा रस
(द्रव्य) चढ़ाने से उसका क्या फल मिलता है
  1. ज्वर (बुखार) होने पर भगवान शिव को जलधारा चढ़ाने से
शीघ्र लाभ मिलता है। सुख व संतान की वृद्धि के लिए भी
जलधारा द्वारा शिव की पूजा उत्तम बताई गई है।
   2. नपुंसक व्यक्ति अगर शुद्ध घी से भगवान शिव का अभिषेक
करे, ब्राह्मणों को भोजन कराए तथा सोमवार का व्रत करे तो
उसकी समस्या का निदान संभव है।
  3. तेज दिमाग के लिए शक्कर मिश्रित दूध भगवान शिव को
चढ़ाएं।
   4. सुगंधित तेल से भगवान शिव का अभिषेक करने पर समृद्धि में
वृद्धि होती है।
   5. शिवलिंग पर ईख (गन्ना) का रस चढ़ाया जाए तो सभी आनंदों
की प्राप्ति होती है।
   6. शिव को गंगाजल चढ़ाने से भोग व मोक्ष दोनों की प्राप्ति
होती है।
  '7. मधु (शहद) से भगवान शिव का अभिषेक करने से राजयक्ष्मा
(टीबी) रोग में आराम मिलता है।-   
                  🌸 फूल 🌸

शिवपुराण के अनुसार जानिए भगवान शिव को कौन का फूल
चढ़ाया जाए तो उसका क्या फल मिलता है
   1. लाल व सफेद आंकड़े के फूल से भगवान शिव का पूजन करने
पर भोग व मोक्ष की प्राप्ति होती है।
   2. चमेली के फूल से पूजन करने पर वाहन सुख मिलता है।
   3. अलसी के फूलों से शिव का पूजन करने से मनुष्य भगवान
विष्णु को प्रिय होता है।
   4. शमी पत्रों (पत्तों) से पूजन करने पर मोक्ष प्राप्त होता है।
5. बेला के फूल से पूजन करने पर सुंदर व सुशील पत्नी मिलती
है।
   6. जूही के फूल से शिव का पूजन करें तो घर में कभी अन्न की
कमी नहीं होती।
  '7. कनेर के फूलों से शिव पूजन करने से नए वस्त्र मिलते हैं।
   8. हरसिंगार के फूलों से पूजन करने पर सुख-सम्पत्ति में वृद्धि
होती है।
   9. धतूरे के फूल से पूजन करने पर भगवान शंकर सुयोग्य पुत्र
प्रदान करते हैं, जो कुल का नाम रोशनकरता है।
   10. लाल डंठलवाला धतूरा पूजन में शुभ माना गया है।
   11. दूर्वा से पूजन करने पर आयु बढ़ती है....!!
    

Thursday, October 23, 2014

Timing for Diwali Pujan 2014

May millions of lamps illuminate ur life with endless Joy, Prosperity, Health & Wealth forever.
Wishing  u and ur family a very " HAPPY DIWALI "
God bless !

Stay empowered with www.Astrorrachita.in

Monday, October 20, 2014

DHANTERAS PUJA TIMING AND METHOD on 21.10.14

DHANTERAS PUJA TIMING AND METHOD on 21.10.14
by www.Astrorrachita,in
Dhanteras Puja Muhurta = 19:04 to 20:15
Duration = 1 Hour 10 Mins
Pradosh Kaal = 17:41 to 20:15
Vrishabha Kaal = 19:04 to 20:59
Dhantrayodashi which is also known as Dhanteras is the first day of five days long Diwali festivities. On the day of Dhantrayodashi, Goddess Lakshmi came out of the ocean during the churning of the Milky Sea. Hence, Goddess Lakshmi, along with Lord Kubera who is the God of wealth, is worshipped on the auspicious day of Trayodashi. However, Lakshmi Puja on Amavasya after two days of Dhantrayodashi is considered more significant.
The best time for Lakshmi Puja on Dhanteras is during Pradosh Kaal when Sthir Lagna prevails. Sthir means fixed i.e. not moveable. If Dhanteras Puja is done during Sthir Lagna, Lakshmiji will stay in your home; hence this time is the best for Dhanteras Pujan. Vrishabha Lagna is considered as Sthir and mostly overlaps with Pradosh Kaal during Diwali festivity.
METHOD: ON DAKSHINAVARTHY SHANKH APPLY SWASTIKA WITH RED KUMKUM. ALSO APPLY TIKKA ON SHRIYANTRA. WORSHIP GODDESS LAKSHMI WITH RED FLOWERS, RED CLOTH, INCENSE AND DEEPAK. WRAP THE SHANKH/CONCH SHELL IN RED CLOTH AND KEEP FOR ENTIRE YEAR IN YOUR PUJA ALTAR.
Yamadeep is another ritual on the same Trayodashi Tithi when the lamp for the God of death is lit outside home to ward off any untimely death of any family members.

Thursday, September 19, 2013

Shraadh/Pitra paksh 2013 ...20 Sep-4Oct

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This time in Shraadh Paksha do NOT make any mistake..........
On Day of Shraadh of Your ancestor, feed a Brahmin or two more, and before anyone eats in the House, go out, find a Cow be it may be 5-10 Kms ahead of your house that you find one, does not matter, but let the first serving of the morning Shraadh preparations be given to the cow, in name of your dead ancestor.
The Brahmin who comes to eat at your House must also be given a set of 5 Clothes ( One Dhoti, One Kurta , Handkerchief, Socks and a Towel). In lie of Kurta, you may also give a Kurta piece.Or a Pant Shirt Piece may also be given as today most of the Brahmins wear Pant-Shirt.
Also avoid coming too close to your Partners during the whole of Shraadh Paksha.