Showing posts with label water. Show all posts
Showing posts with label water. Show all posts

Saturday, October 06, 2018

विभिन्न रंग की बोतलों के पानी सेवन करने से लाभ


*विभिन्न रंग की बोतलों के पानी सेवन करने से लाभ

लाल (Red)रंग

*लाल रंग की बोतल का पानी अत्यंत गर्म प्रकृति का होता है। अतः जिनकी प्रकृति गर्म हो उन्हें इसे पीना नहीं चाहिए। इसको पीने से खूनी दस्त या उलटी हो सकती है। इस पानी का उपयोग केवल मालिश करने के लिए करना चाहिए। यह Blood और Nerves को उत्तेजित करता है। और शरीर में गर्मी बढ़ाता है। गर्मियों में इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। यह सभी प्रकार के वात और कफ रोगों में लाभ प्रदान करता है।*

2नारंगी (Orange) रंग  की बोतल में तैयार किया गया जल Blood Circulation को बढ़ाता है और मांसपेशियों को मजबूत करता है। यह औषधि मानसिक शक्ति और इच्छाशक्ति को बढ़ाने वाली है। अतः यदि किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में सूर्य या चन्द्रमा निर्बल है तो उसे इस जल का उपयोग करके अत्यंत लाभ प्राप्त हो सकता है। या औषधि बुद्धि और साहस को भी बढ़ाता है। कफ सम्बंधित रोगों,खांसी, बुखार, निमोनिया, सांस से सम्बंधित रोग, Tuberculosis, पेट में गैस, हृदय रोग, गठिया, Anaemia, Paralysis आदि रोगों में लाभ देता है। यह औषधि माँ के स्तनों में दूध की वृद्धि भी करती है।*
पीला(Yellow) रंग शारीरिक एवं मानसिक स्वस्थता के लिए यह जल बहुत उपयोगी है परन्तु इस जल को थोड़ी मात्रा में लेना चाहिए। यह जल Digestive System को ठीक करता है अतः पेट दर्द, कब्ज आदि समस्यायों के निदान के लिए इस जल का सेवन लाभकारी है। परन्तु पेचिश होने पर इस जल को न लें। इसके अतिरिक्त हृदय, लीवर और Lungs के रोगों में भी इस जल को पीने से लाभ मिलता है।*
4हरा (Green )रंग  यह औषधि शारीरिक स्वस्थता और मानसिक प्रसन्नता देने वाली है। Muscles को regenerate करती है। Mind और Nervous system को स्वस्थ रखती है। इस जल को वात रोगों, Typhoid, मलेरिया आदि बुखार, Liver और Kidney में सूजन, त्वचा सम्बंधित रोगों, फोड़ा -फुन्सी, दाद, आँखों के रोग, डायबिटीज, सूखी खांसी, जुकाम, बवासीर, कैंसर, सिरदर्द, ब्लड प्रेशर, आदि में सेवन करना लाभप्रद है।*

5आसमानी (Blue) रंग: -*यह शीतल औषधि है। पित्त सम्बंधित रोगों में  है। यह प्यास को शांत करता है एवं बहुत अच्छा Antiseptic भी है। सभी प्रकार के बुखारों में सर्वोत्तम लाभकारी है। कफ वाले व्यक्तियों को इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। यह बुखार, खांसी, दस्त, पेचिश, दमा, सिरदर्द, Urine सम्बन्धी रोग, पथरी, त्वचा रोग, नासूर, फोड़े -फुन्सी, आदि रोगों में अत्यंत लाभ प्रदान करता है।*

*6नीला (Indigo) रंग:-*
यह औषधि भी शीतल श्रेणी में आती है। इस औषधि को लेने में कुछ कब्ज की शिकायत हो सकती है परन्तु यह शीतलता और मानसिक शान्ति प्रदान करता है। शरीर पर इस जल का प्रभाव बहुत जल्दी होता है। यह Intestine, Leucoria, योनिरोग आदि रोगों में विशेष लाभप्रद है। तथा शरीर में गर्मी के सभी रोगों को समाप्त करता है।*
7 ,बैंगनी (Voilet) रंग
इस औषधि के गुण बहुतायत में नीले रंग के जल से मिलते जुलते हैं। इसके सेवन से Blood में RBC Count बढ़ जाता है। यही खून की कमी को दूर कर Anaemia रोग को ठीक करता है। Tuberculosis जैसे रोग को ठीक करता है। इस जल को पीने से नींद अच्छी आती है।गुरु कृपा केवलं।

Friday, September 01, 2017

Ganpati visarjan muhurat 2017 गणपति विसर्जन का शुभ मुहूर्त

जाने गणपति विसर्जन का शुभ मुहूर्त

गणेश चतुर्थी का पर्व 5 सितंबर तक चलेगा।
विसर्जन का सुबह का मुहूर्त- 09:32 बजे- 14:11 अपराह्न तक।

दोपहर का मुहूर्त(शुभ) = 15: 44 बजे- 17:17 बजे तक।

शाम का मुहूर्त(प्रयोग) = 20:17 अपराह्न - 21: 44 बजे तक।

रात का मुहूर्त = 23:11 बजे तक।

Monday, February 23, 2015

दीर्घायु और स्वस्थ रखे ताम्र पात्र का जल

दीर्घायु और स्वस्थ रखे ताम्र पात्र का जल
==============================
ताम्बे के बर्तन में रखा पानी पीने का अक्सर निर्देश
भारतीय बुजुर्ग और वैद्य देते हैं |इसके अनेकानेक
वैज्ञानिक कारण हैं |सभी धातुओं में से ताम्बे के पात्र में
रखा जल सर्वाधिक लाभप्रद होता है |

आयुर्वेद केअनुसार, तांबे के बर्तन में संग्रहीत पानी में आपके शरीर में
तीन दोषों (वात, कफ और पित्त) को संतुलित करने
की क्षमता होती है और यह ऐसा सकारात्मक पानी चार्ज
करके करता है। तांबे के बर्तन में जमा पानी 'तमारा जल'
के रूप में भी जाना जाता है और तांबे के बर्तन में कम 8
घंटे तक रखा हुआ पानी ही लाभकारी होता है।

जब
पानी तांबे के बर्तन में संग्रहित किया जाता है तब
तांबा धीरे से पानी में मिलकर उसे सकारात्मक गुण प्रदान
करता है। इस पानी के बारे में सबसे अच्छी बात यह है
कि यह कभी भी बासी (बेस्वाद) नहीं होता और इसे
लंबी अवधि तक संग्रहित किया जा सकता है।
तांबे को प्रकृति में ओलीगोडिनेमिक के रूप में
(बैक्टीरिया पर धातुओं की स्टरलाइज प्रभाव)
जाना जाता है और इसमें रखे पानी के सेवन से
बैक्टीरिया को आसानी से नष्ट किया जा सकता है।

तांबा आम जल जनित रोग जैसे डायरिया, दस्त और
पीलिया को रोकने में मददगार माना जाता है। जिन देशों में
अच्छी स्वच्छता प्रणाली नहीं है उन देशों में
तांबा पानी की सफाई के लिए सबसे सस्ते समाधान के रूप
में पेश आता है।

थायरेक्सीन हार्मोन के असंतुलन के कारण थायराइड
की बीमारी होती है। थायराइड के प्रमुख लक्षणों में
तेजी से वजन घटना या बढ़ना, अधिक थकान महसूस
होना आदि हैं। कॉपर थायरॉयड ग्रंथि के बेहतर कार्य
करने की जरूरत का पता लगाने वाले सबसे महत्वपूर्ण
मिनरलों में से एक है। थायराइड विशेषज्ञों के अनुसार,
कि तांबे के बर्तन में रखें पानी को पीने से शरीर में
थायरेक्सीन हार्मोन नियंत्रित होकर इस
ग्रंथि की कार्यप्रणाली को भी नियंत्रित करता है। तांबे में
मस्तिष्क को उत्तेजित करने वाले और विरोधी ऐंठन गुण
होते हैं। इन गुणों की मौजूदगी मस्तिष्क के काम
को तेजी और अधिक कुशलता के साथ करने में मदद करते
है।

गठिया या जोड़ों में दर्द की समस्या आजकल कम उम्र के
लोगों में भी होने लगी है। यदि आप भी इस समस्या से
परेशान हैं, तो रोज तांबे के पात्र का पानी पीये। तांबे में
एंटी-इफ्लेमेटरी गुण होते हैं। यह गुण दर्द से राहत और
दर्द की वजह से जोड़ों में सूजन का कारण बने -
गठिया और रुमेटी गठिया के मामले विशेष रूप से फायदेमंद
होते है। त्वचा पर सबसे अधिक प्रभाव
आपकी दिनचर्या और खानपान का पड़ता है। इसीलिए अगर
आप अपनी त्वचा को सुंदर बनाना चाहते हैं तो रातभर तांबे
के बर्तन में रखें पानी को सुबह पी लें। ऐसा इसलिए
क्योंकि तांबा हमारे शरीर के मेलेनिन के उत्पादन का मुख्य
घटक है। इसके अलावा तांबा नई कोशिकाओं के उत्पादन में
मदद करता है जो त्वचा की सबसे ऊपरी परतों की भरपाई
करने में मदद करती है। नियमित रूप से इस नुस्खे
को अपनाने से त्वचा स्वस्थ और चमकदार लगने लगेगी।
पेट जैसी समस्याएं जैसे एसिडिटी, कब्ज, गैस आदि के
लिए तांबे के बर्तन का पानी अमृत के सामान होता है।
आयुर्वेद के अनुसार, अगर आप अपने शरीर से विषाक्त
पदार्थों को बाहर निकालना चाहते हैं तो तांबे के बर्तन में
कम से कम 8 घंटे रखा हुआ पानी पिएं। इससे पेट की सूजन
में राहत मिलेगी और पाचन की समस्याएं भी दूर होंगी।
अगर आप त्वचा पर फाइन लाइन को लेकर चिंतित हैं
तो तांबा आपके लिए प्राकृतिक उपाय है। मजबूत एंटी-
ऑक्सीडेंट और सेल गठन के गुणों से समृद्ध होने के कारण
कॉपर मुक्त कणों से लड़ता है---जो झुर्रियों आने के मुख्य
कारणों में से एक है---और नए और स्वस्थ
त्वचा कोशिकाओं के उत्पादन में मदद करता है। ज्यादातर
भारतीय महिलाओं में खून
की कमी या एनीमिया की समस्या पाई जाती है। कॉपर के
बारे में यह तथ्य सबसे ज्यादा आश्चर्यजनक है कि यह
शरीर की अधिकांश प्रक्रियाओं में बेहद आवश्यक
होता है। यह शरीर के लिए आवश्यक पोषक
तत्वों को अवशोषित कर रक्त वाहिकाओं में इसके प्रवाह
को नियंत्रित करता है। इसी कारण तांबे के बर्तन में रखे
पानी को पीने से खून की कमी या विकार दूर हो जाते हैं।
गलत खान-पान और अनियमित जीवनशैली के कारण कम
उम्र में वजन बढ़ना आजकल एक आम समस्या हो गई है।
अगर आप अपना वजन घटाना चाहते हैं तो एक्सरसाइज के
साथ ही तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना आपके लिए
फायदेमंद साबित हो सकता है। इस पानी को पीने से शरीर
की अतिरिक्त वसा कम हो जाती है। तांबे के बर्तन में
रखा पानी वात, पित्त और कफ की शिकायत को दूर करने
में मदद करता है। इस प्रकार से इस पानी में एंटी-
ऑक्सीडेंट होते हैं, जो कैसर से लड़ने की शक्ति प्रदान
करते हैं। अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार तांबे कैंसर
की शुरुआत को रोकने में मदद करता है, कैसे इसकी सटीक
कारण अभी तक ज्ञात नहीं है, लेकिन कुछ अध्ययनों के
अनुसार, तांबे में कैंसर विरोधी प्रभाव मौजूद होते है।
तांबा अपने एंटी-बैक्टीरियल, एंटीवायरल और
एंटी इफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है। इसलिए इसमें
कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए
कि तांबा घावों को जल्दी भरने के लिए एक शानदार
तरीका है। दिल के रोग और तनाव से ग्रसित
लोगों की संख्या तेजी बढ़ती जा रही है। यदि आपके साथ
भी ये परेशानी है तो तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से
आपको लाभ हो सकता है। तांबे के बर्तन में रखे हुए
पानी को पीने से पूरे शरीर में रक्त का संचार बेहतरीन
रहता है। कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है और दिल
की बीमारियां दूर रहती हैं|

Wednesday, January 28, 2015

The magic of WATER and success!!

You're in the shower, and you receive a brilliant idea! Why is that?

1. Water promotes meditation, because it's symbolic of the emotions and unconscious mind. So water's meditative qualities open us up to hearing and listening to guidance.

2. Water relaxes us with its negative ions, particularly from running water like showers, waterfalls, and waves. Negative ions bring about feelings of bliss.

3. Water has healing properties. There's a reason why healing wells like Lourdes, France, have documented miracle healings. Water has long been used in healing ceremonies and health treatments.

4. Water is magnetically attractive, and will hold the energetic properties of prayers and positive intentions.

5. Water is restorative and cleansing. Not only does water wash away physical dirt, but it also cleanses you of any negativity that you've absorbed.

 If you're feeling stuck and in need of guidance, go take a shower or soak in a bathtub with the faucet running. Moving water has more negative ions and electric charge than stagnant water.  If you have access to a beach, waterfall, or moving river, these are also powerful places to receive inspiration and answers.

Then, hold your question in mind, and send the question heavenward. Releasing the question is important, because that frees your mind to be able to hear the answer you're seeking.

Answers come to you as thoughts, feelings, visions, or words.  So notice any impressions that come into your mind or body. If you don't understand what they mean, ask the question, "What does this mean? Please explain further," and then notice insights you receive as clarification.

Some of the insights you receive may not make sense at the time, but they will later. So, write notes of the ideas which come to you, because they contain answers to your questions. You may also receive guidance which intimidates you, because you don't feel qualified or ready to pursue a new project or a different direction. Again, notice the guidance and trust that you'll soon understand.

Please share your experiences of receiving ideas near water. What works better for you: the shower, bathtub, river, ocean, or ??

Louise hay

Friday, February 22, 2013

The Glass full of Magic- Life sutra


A psychologist walked around a room while teaching stress management to an audience. As she raised a glass of water, everyone expected they’d be asked the “half empty or half full” question. Instead, with a smile on her face, she inquired: “How heavy is this glass of water?”


Answers called out ranged from 8 oz. to 20 oz.

She replied, “The absolute weight doesn’t matter. It depends on how long I hold it. If I hold it for a minute, it’s not a problem. If I hold it for an hour, I’ll have an ache in my arm. If I hold it for a day, my arm will feel numb and paralyzed. In each case, the weight of the glass doesn’t change, but the longer I hold it, the heavier it becomes.” She continued, “The stresses and worries in life are like that glass of water. Think about them for a while and nothing happens. Think about them a bit longer and they begin to hurt. And if you think about them all day long, you will feel paralyzed – incapable of doing anything.”

It’s important to remember to let go of your stresses. As early in the evening as you can, put all your burdens down. Don’t carry them through the evening and into the night. Remember to put the glass down!