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Monday, February 03, 2020
मीन मे शुक्र ग्रह का प्रभाव VENUS IN PISCES transit for all 12 zodiac signs
Monday, April 29, 2019
नवग्रहो को अपने अनुकुल बनाने के कुछ उपाय-*
*नवग्रहो को अपने अनुकुल बनाने के कुछ उपाय-*
सूर्य को अनुकुल बनाने के उपाय- अपने पिता एवँ पिता तुल्य जनोँ का मान-सम्मान करे। अहोरात्र(24घण्टे) मे से अपना कुछ समय उनको जरुर दे। उन्के पास बैठे, उनकी बातो से अपनी समस्याओँ का समाधान निकाले। ताम्बे के पात्र से पानी पिये। अपने समुदाय के प्रति सजग बने। अगर हो सके तो रविवार को एक पाठ “आदित्यह्रदय स्तोत्र” का जरुर करे। 100% सूर्य का अच्छा प्रभाव मिलेगा।
चंद्र को अनुकुल बनाने के उपाय- अपनी माता एवँ माता तुल्य स्त्रियोँ को खुश रखे। उनका आदरभाव करे। कुछ समय उनके पास बैठे। जो समस्या उनको बताने लायक हो उसके बारे मे उन से चर्चा करेँ अन्यथा उनकी बातो से अपनी समस्या का समाधान खुद निकाले। सुबह चाय या काफी लेने से पहले आधा कप या एक चम्मच गाय कच्चा दुध जरुर पीये। हो सके तो चांदी धातु शरीर पर जरुर धारण करे। शुक्ल पक्ष की अष्टमी से लेके कृष्ण पक्ष कि सप्तमी तक रात्रि मे चंद्रमा को अर्घ जरुर दे। मानसिक शांति के लिए Meditation जरुर करे।
मंगल को अनुकुल बनाने के उपाय- अपने भाईयोँ से मिलकर रहेँ। दिन मे नही तो रात्रि मे अपने भाईयोँ के साथ भोजन करे। किसी संकट मे आये व्यक्ति कि मदद करेँ। शारीरिक क्षमता के अनुसार रक्त का दान करेँ। किसी समझदार व्यक्ति की राय से काम करे। अन्य व्यक्ति की प्रतिष्ठा ध्यान रखे। नित्य दुध जरुर पीयेँ। घर के अग्नि स्थान(रसोई) को साफ रखे। हनुमान जी उपासना करे।
बुध को अनुकुल बनाने के उपाय – अपने मित्र ओर पडोसी से अच्छे सम्बंध रखे। अपनी क्षमता के अनुसार उनकी मदद करेँ। असहाय ओर निर्धन, गरीब व्यक्तियो कि मदद करे। नपुँसक जनो को कैसे भी(मन,कर्म,वचन) ठैस ना पहुंचाये। 1 वर्ष मे एक पेड जरुर लगाये। पशुओ को हरित घास जरुर खिलायेँ। गणेश जी की उपसान करे। हो सके तो बुधवार को गणेश अथर्वशीष का पाठ जरुर करे।
गुरु को अनुकुल बनाने के उपाय – अपने गुरु तथा अपने से बडे जनो के प्रति आदर भाव रखे। आस्तिक बने। मंदिर जरुर जाये। अपने ओर अन्य धर्मो के प्रति सद्भाभावना रखे। अपने परिवार के साथ तीर्थ स्थलो मे जायेँ। गरीब बच्चो को पठन-पाठन के लिए मदद करेँ। नित्य अपने गुरु मंत्र का जाप जरुर करेँ।
शुक्र को अनुकुल बनाने के उपाय – अपने परिवार कि तथा अन्य समुदाय कि स्त्रियोँ कि मदद करेँ। कुँवारी कन्या कि मदद करे। स्त्रियोँ के प्रति अच्छे विचार रखे। अपनी धर्म पत्नी के अलावा अन्य स्त्रियोँ को माता, बहन एवँ बेटी का दर्जा दे। नित्य संगीत जरुर सुने। अंधे व्यक्ति कि मदद करेँ। दोपहर के भोजन दही जरुर ग्रहण करे। अपने कुल-देवी की उपासना करे।
शनि को अनुकुल बनाने कि उपाय – अपने से निम्न(छोटे) वर्ग के जनो कि मदद करेँ। नोकर या अपने आस-पास के निन्म वर्गो के जनो कि मदद करे। घर के बुजुर्ग जनो को खुश रखे। दिन का कुछ समय उनके साथ जरुर बितायेँ। दिव्यांग जनो की मदद करे। हो सके तो शनिवार को पीपल के निचे तेल का दिपक जरुर करे।
राहु एवँ केतु को अनुकुल बनाने के उपाय – अपने आस-पास साफ-सफाई रखे। गलत संगत से बचे। किसी भी प्रकार का नशा ना करेँ। सभी धर्मो के जनोँ कि मदद करेँ। नशा करने वाले व्यक्तियो को नशा ना करने की सलाह देँ। पशु-पक्षियोँ पर दया भाव रखे। रात को जल्दी सोने का प्रयत्न करे। शिव जी की उपासना करे। अपने कुलदेवी देवाताओ कि उपासना करे। अपने हर कार्य के लिए नियमित बनेँ। अपनी वस्तुओँ को उनकी जगह पर हि रखेँ।
Saturday, January 12, 2019
ज्योतिष में बुध और जातक mercury and other planets conjoin astrology
ज्योतिष में बुध और जातक ================= बुध दिमाग है, चालाकी है, चतुराई है, पैसा है, सामाजिक तालमेल है, गणितबाज़ी है, वाणी है, घुटन देने वाला ज़हर है, शरीर को सुखा देने वाला है, कमज़ोर कर देने वाला है और वित्त मंत्री है | कुण्डली में जब बुध शत्रु ग्रह या उनकी राशी ( सुर्य, चन्द्रमा, ब्रहसपति, मंगल ) में होता है तो जातक को दिक्कत देता है, बेवझा धन हानि या फ़िर ओवर कान्फ़िडेन्स के कारण जातक को नुकसान होता है |
जब बुध सुर्य के साथ होता है तो जातक को जलदी सफ़लता देता है, खास कर 21-22 से ही जातक किसी ना किसी रूप में धन कमाना शुरु कर देता है,लेकिन उसके बाद जब जातक को लगे कि सब कुछ सैट है, जहाँ पर जातक रिसक लेता है लालच करता है, 30-32 तक पहुँच कर जातक को नीचे गिराना शुरु कर देता है |
जब कुण्डली में बुध चन्द्रमा के साथ होता है, तो भी धन तो देता है लेकिन रिश्ते के मामले में धोखा देता है, कम उम्र में ही जातक के चरित्र का पतन होना शुरू हो जाता है, जातक प्रेम सम्बन्ध की तरफ़ और खुद की खुबसुरती की तरफ़ ज़्यादा ध्यान देने लग जाता है और पढाई से जातक का मन भटक जाता है, हर समय जातक के मन में कोई ना कोई फ़ितूर चलता रहता है, जातक कभी शान्त नहीं रह पाता |
कुण्डली में जब मंगल बुध के साथ होता है तो यही बुध जातक के जोश, जुनुन और जुररत को बांध देता है, जातक के दोस्त ही उसके सामने उसका उपहास करते हैं और जातक को इस मानहानी के घूट पीने पडते हैं, वह अन्दर ही अन्दर घुटता रहता है | और यही बुध मंगल के कारण ही जातक का शरीर कमज़ोर होता है, पतला होता है, जातक में खून की कमी या फ़िर हृदय से सम्बन्ध रोग होते हैं, हर छोटी छोटी बात पर जातक घबराता है, एग्ज़ेम है उस से पहले जातक का मन घबराता है, कोई इन्ट्रवियु है उस से पहले जातक को घबराहट शुरु हो जाती है, कलास में प्रिंसिपल ने आना है ये सुन कर ही जातक घबरा जाता है |
और जब कुण्डली में बुध ब्रहसपति के साथ होता है, तो जातक अपने ही बडो का सम्मान नहीं करता, जातक एक अच्छा शिष्य नही बन सकता क्युकि वो चीज़ो को बारीकी से समझने की कोशिश नहीं करता | जातक को अपने ही माता पिता की सलाह पर चलना पसंद नहीं होता, हालकि माता पिता से सम्बन्ध अच्छे रहते हैं लेकिन कुछ ना कुछ वैचारिक मत भेद चलते रहते हैं | जातक का अपने ही पिता के साथ दोस्ताना सम्बन्ध नहीं होता, जातक अपने पिता के साथ फ़ुरसत के पल नहीं बिता सकता, जातक अपने ही पिता के साथ खरीदारी करने नही जा सकता, और अगर कर भी आये तो घर आकर बहस और नोक झोक शुरु हो जाती है | ऐसा बुध कभी भी जातक को बडो के सानिधय में रहने नहीं देता, जातक को उस के टीचर्स से बात चीत करने नहीं देगा, टीचर्स से सवाल करने नहीं देगा, चीज़ो को समझने नहीं देगा, सिर्फ़ किताबी रट्टा मारने की आदत बना देता है | जातक खुद को दूसरो से ज़्यादा बुद्धीमान और चतुर समझने लगता है | और जातक धर्म से विमुख होता चला जाता है, संस्कार और रिवाजो से दूर होता चला जाता है | और एक समय ऐसा आ जाता है कि जातक के पास धन तो होता है लेकिन रिश्ते नहीं होते, रिश्तो का सुख नहीं होता | जातक के खुद बच्चे उस का बुढापे में साथ नहीं देते उसका हाल नहीं पुछते |
Saturday, October 06, 2018
विभिन्न रंग की बोतलों के पानी सेवन करने से लाभ
*विभिन्न रंग की बोतलों के पानी सेवन करने से लाभ
लाल (Red)रंग
*लाल रंग की बोतल का पानी अत्यंत गर्म प्रकृति का होता है। अतः जिनकी प्रकृति गर्म हो उन्हें इसे पीना नहीं चाहिए। इसको पीने से खूनी दस्त या उलटी हो सकती है। इस पानी का उपयोग केवल मालिश करने के लिए करना चाहिए। यह Blood और Nerves को उत्तेजित करता है। और शरीर में गर्मी बढ़ाता है। गर्मियों में इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। यह सभी प्रकार के वात और कफ रोगों में लाभ प्रदान करता है।*
2नारंगी (Orange) रंग की बोतल में तैयार किया गया जल Blood Circulation को बढ़ाता है और मांसपेशियों को मजबूत करता है। यह औषधि मानसिक शक्ति और इच्छाशक्ति को बढ़ाने वाली है। अतः यदि किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में सूर्य या चन्द्रमा निर्बल है तो उसे इस जल का उपयोग करके अत्यंत लाभ प्राप्त हो सकता है। या औषधि बुद्धि और साहस को भी बढ़ाता है। कफ सम्बंधित रोगों,खांसी, बुखार, निमोनिया, सांस से सम्बंधित रोग, Tuberculosis, पेट में गैस, हृदय रोग, गठिया, Anaemia, Paralysis आदि रोगों में लाभ देता है। यह औषधि माँ के स्तनों में दूध की वृद्धि भी करती है।*
पीला(Yellow) रंग शारीरिक एवं मानसिक स्वस्थता के लिए यह जल बहुत उपयोगी है परन्तु इस जल को थोड़ी मात्रा में लेना चाहिए। यह जल Digestive System को ठीक करता है अतः पेट दर्द, कब्ज आदि समस्यायों के निदान के लिए इस जल का सेवन लाभकारी है। परन्तु पेचिश होने पर इस जल को न लें। इसके अतिरिक्त हृदय, लीवर और Lungs के रोगों में भी इस जल को पीने से लाभ मिलता है।*
4हरा (Green )रंग यह औषधि शारीरिक स्वस्थता और मानसिक प्रसन्नता देने वाली है। Muscles को regenerate करती है। Mind और Nervous system को स्वस्थ रखती है। इस जल को वात रोगों, Typhoid, मलेरिया आदि बुखार, Liver और Kidney में सूजन, त्वचा सम्बंधित रोगों, फोड़ा -फुन्सी, दाद, आँखों के रोग, डायबिटीज, सूखी खांसी, जुकाम, बवासीर, कैंसर, सिरदर्द, ब्लड प्रेशर, आदि में सेवन करना लाभप्रद है।*
5आसमानी (Blue) रंग: -*यह शीतल औषधि है। पित्त सम्बंधित रोगों में है। यह प्यास को शांत करता है एवं बहुत अच्छा Antiseptic भी है। सभी प्रकार के बुखारों में सर्वोत्तम लाभकारी है। कफ वाले व्यक्तियों को इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। यह बुखार, खांसी, दस्त, पेचिश, दमा, सिरदर्द, Urine सम्बन्धी रोग, पथरी, त्वचा रोग, नासूर, फोड़े -फुन्सी, आदि रोगों में अत्यंत लाभ प्रदान करता है।*
*6नीला (Indigo) रंग:-*
यह औषधि भी शीतल श्रेणी में आती है। इस औषधि को लेने में कुछ कब्ज की शिकायत हो सकती है परन्तु यह शीतलता और मानसिक शान्ति प्रदान करता है। शरीर पर इस जल का प्रभाव बहुत जल्दी होता है। यह Intestine, Leucoria, योनिरोग आदि रोगों में विशेष लाभप्रद है। तथा शरीर में गर्मी के सभी रोगों को समाप्त करता है।*
7 ,बैंगनी (Voilet) रंग
इस औषधि के गुण बहुतायत में नीले रंग के जल से मिलते जुलते हैं। इसके सेवन से Blood में RBC Count बढ़ जाता है। यही खून की कमी को दूर कर Anaemia रोग को ठीक करता है। Tuberculosis जैसे रोग को ठीक करता है। इस जल को पीने से नींद अच्छी आती है।गुरु कृपा केवलं।
Friday, January 26, 2018
*9 मसाले और 9 ग्रह*
*9 मसाले और 9 ग्रह*
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*9 मसाले कौन कौन से ?*
*और ये किस प्रकार ग्रहों का प्रतिनिधित्व करते है व इनके पीछे छिपी वैज्ञानिकता क्या है ?*
*🍚1. नमक *(पिसा हुआ) सूर्य*
*🌶2. लाल मिर्च *(पिसी हुई) मंगल*
*🧀3. हल्दी ,,,,,,, *(पिसी हुई ) गुरु*
*🌯4. जीरा *(साबुत या पिसा हुआ) राहु केतु*
*🌯5. धनिया,,,,,, *(पिसा हुआ) बुध*
*🌚6. काली मिर्च *(साबुत या पाउडर) शनि*
*🥗7. अमचूर ,,,, *(पिसा हुआ) केतु*
*🍲8. गर्म मसाला,. *(पिसा हुआ) राहु*
*🍲9. मेथी,,,,,,,,,,,. *मंगल....*
*👉मसाले के सेवन से अपने स्वास्थ्य और ग्रहो को ठीक करे*
👇👇👇
🥙 *भारतीय रसोई में मिलने वाले मसाले सेहत के लिए तो अच्छे होते ही है ,पर साथ में उन के सेवन से हमारे ग्रह भी अच्छे होते है*
*🥙सौंफ🥙*
*सौंफ का जिक्र हम पहले भी कर चुके है की सौंफ खाने से हमारा शुक्र और चंद्र अच्छा होता है*
🥙 *इसे मिश्री के साथ ले या उस के बिना भी ले खाने के बाद ,एसिडिटि और जी मिचलाने जैसी समस्या कम होने लगेंगी*
🥙 *सौंफ को गुड के साथ सेवन करें जब आप घर से किसी काम के लिए निकाल रहे हो , इस से आप का मंगल ग्रह आप का पूरा काम करने में साथ देता है ... *🥙दालचीनी🥙*
*मंगल ओर शुक्र ग्रह को ठीक करती है*
🥙 *अगर किसी का मंगल और शुक्र कुपित है ,तो थोड़ी सी दालचीनी को शहद में मिलाकर ताज़े पानी के साथ ले , इस से आप की शरीर में शक्ति बढ़ेगी और सर्दियों में कफ की समस्या कम परेशान करती है .......*
*🥙काली मिर्च🥙*
*काली मिर्च के सेवन से हमारा शुक्र और चंद्रमा अच्छा होता है*
🥙 *इस के सेवन से कफ की समस्या कम होती है और हमारी स्मरण शक्ति भी बढ़ती है*
*तांबे के किसी बर्तन में काली मिर्च डालकर Dining Table पर रखने से घर को नज़र नहीं लगती है... *🥙जौं🥙*
*जौ के प्रयोग से सूर्य ग्रह और गुरु ग्रह ठीक होता है*
🥙 *जौं के आटे की रोटी खाने से पथरी कभी नहीं होती है.....*
*🥙हरी इलायची🥙*
*इस के प्रयोग से बुध ग्रह मजबूत होता है*
🥙 *अगर किसी को दूध पचाने में परेशानी होती है....*
*तो हरी इलायची उस में पका कर फिर दूध का सेवन करें इस से ऐसी परेशानी नहीं होगी ....*
*यह उन लोगो के लिए उपकारी है की जिन को दूध अपनी सेहत बनाए रखने या कैल्सियम के लिए दूध तो पीना पड़ता है पर उसको पीकर पचाने में समस्या आती है ...*
*🥙हल्दी🥙*
*हल्दी के गुण हम सबसे छुपे नहीं है , हल्दी के सेवन से बृहस्पति ग्रह अच्छा होता है ,*
🥙 *हल्दी की गांठ को पीले धागे में बांधकर गुरुवार को गले में धारण करने से बृहस्पति के अच्छे फल मिलते है और यह तो हम सब को पता है की हल्दी का दूध पीने से Arthritis , Bones और Infections में ज़बरदस्त फायदा मिलता है....*
*🥙जीरा🥙*
*जीरा राहू व केतू का प्रतिनिधित्व करता है.*
🥙 *जीरा का सेवन खाने में करने से आप के दैनिक जीवन में सौहार्द व शांति बने रहते हैं.*
*🥙हींग🥙*
*हींग बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करती है*
🥙 *हींग का नित्य प्रतिदिन सेवन करने से वात व पित्त के रोग नियंत्रित होते हैं* *हींग आप की पाचन शक्ति भी बढाती है व क्रोध समस्या से भी निजात दिलाती है.*
*🥙सौंफ :🥙*
*शुक्र ग्रह मजबूत होता है*
🥙 *सौंफ हम रोज़ तो इस्तेमाल करते है ,पर क्या आप को पता हैकी सौंफ के सेवन से*🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
*✍आपका शुक्र ग्रह मजबूत होता
Thursday, January 18, 2018
ग्रहों की नाराजगी दूर करें - making planets work in your favour
ग्रहों की नाराजगी दूर करें -
1-सूर्य-(The Sun) भूल कर भी झूठ न
बोलें,सूर्य का गुस्सा कम हो जाएगा .झूठ क्या है ?झूठ वो है
जो अस्तित्व में नहीं है और यदि हम झूठ बोलेंगे
तो सूर्य को उसका अस्तित्व(Existence)
पैदा करना पडेगा (आश्चर्य की कोई बात
नहीं है -ये नौ ग्रह हमारे जीवन के
लिए ही अस्तित्व (existence)में आये हैं )सूर्य
का काम बढ़ जाएगा और मुश्किल भी हो जाएगा .
2-चंद्रमा (The Moon)-- जितना ज्यादा हो सके सफाई पसंद
हो जाईये ,और साफ़ रहिये भी -
चंद्रमा का गुस्सा कम हो जाएगा .
चंद्रमा को सबसे ज्यादा डर राहू से लगता है .राहू अदृश्य
ग्रह है ,राहू क्रूर
है .हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी में
राहू गंदगी है .हम हमारे घर को, आसपास के
वातावरण को कितना भी साफ़ करें -उसमें ढूँढने जायेंगे
तो गंदगी मिल
ही जायेगी ,या हम हमारे घर और
आस पास के वातावरण को कितना भी साफ़ रखें
वो गंदा हो ही जाएगा और हम सब जानते हैं
कि गंदगी कितनी खतरनाक
हो सकती है और होती है --
ज़िंदगी के लिए ,न जाने कितने बेक्टीरिया ,
वायरस ,जो अदृश्य होते हुए
भी हमारी ज़िंदगी को भयभीत
कर देते हैं ,बीमार
करके ,ज़िंदगी को खत्म तक कर देते
हैं ,चंद्रमा (जो सबके मन को आकर्षित करता है स्वय राहू के
मन को भी) राहू से डरता है .अतः यदि आप साफ़
रहेंगे तो चंद्रमा को अच्छा लगेगा और उसका क्रोध शांत रहेगा .
चंद्रमा का गुस्सा उतना ही कम हो जाएगा .
3-मंगल(Mars)-यह ग्रह सूर्य
का सेनापती ग्रह है भोजन में गुड है .सूर्य गेंहू
है रविवार को गेहूं के आटे का चूरमा गुड डालकर बनाकर खाएं
खिलाये ,मंगल को बहुत अच्छा लगेगा .सूर्य गेहूं है -मंगल गुड
है और घी चंद्रमा है ,अब तीनो प्रिय
मित्र हैं तो तीन मित्र मिलकर जब खुश होंगे
तो गुस्सा किसे याद रहेगा .
4-बुध (Mercury)-बुध ग्रह यदि आपकी जन्म
पत्रिका में क्रोधित है तो बस तुरंत मना लीजिये --
गाय को हरी घास खिलाकर -
धरती और गाय दोनों शुक्र (Venus)ग्रह
का प्रतिनिधित्व करती है .
हरी घास है जो बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व
करती है -बुध ग्रह का रंग हरा है ,वो बच्चा है
नौ ग्रहों में शारीरिक रूप से सबसे कमजोर और
बौद्धिक रूप में सबसे आगे आगे .
घास है जो पृथ्वी के अन्य पेड़ पौधों के मुकाबले
कमजोर है बिलकुल बुध ग्रह की तरह , घास
भी शारीरिक रूप से बलवान
नहीं होती है मगर ताकत देने में कम
नहीं अतः बुध स्वरूप
ही है .हरी हरी घास से
सजी धरती कितनी सुंदर
और खुश दिखती है -घास =बुध और
धरती = शुक्र
इसी तरह गाय हरी -
हरी घास खा कर कितनी खुश
होती है
इसलिए - हरी- हरी घास =बुध ग्रह
और गाय (और धरती )= शुक्र
इसलिए गाय को हरी हरी घास खिलाएंगे
तो दो बहुत अच्छे दोस्तों को मिला रहे होंगे -
ऐसी हंसी खुशी के
वातावरण में हर कोई गुस्सा थूक देता है और बुध ग्रह
भी अपना क्रोध शांत कर लेंगे .
5-बृहस्पति (Jupiter)-चने की दाल parrots
को खिलादे .बृहस्पति कभी गुस्सा नहीं करेंगे.
चने की दाल पीले रंग
की होती है और
बृहस्पति भी पीले रंग के हैं .
बृहस्पति का भी घनत्व सौरमंडल में ज्यादा है और
चने की दाल
भी हलकी फुल्की नहीं होती पचाने
में हमारी आँतों को ज्यादा मेहनत
करनी पड़ती है .
तोता हरे रंग का होता है .बुध ग्रह भी हरे रंग
का होता है .
तोता भी दिन भर बोलता रहता है और बुध ग्रह
भी बच्चा होना के कारण बोलना पसंद करता है .
अतः तोता =बुध ग्रह
और चने की दाल = बृहस्पति ग्रह
बुध ग्रह बृहस्पति के जायज पुत्र और चंद्रमा के नाजायज
पुत्र है.
बुध के पिता बृहस्पति हैं और बृहस्पति के चंद्रमा अच्छे मित्र
हैं और बृहस्पति की पत्नी तारा ने
चंद्रमा से नाजायज शारीरिक सम्बन्ध बनाकर बुध
ग्रह को जन्म दिया था इस बात से
बृहस्पति अपनी पत्नी तारा से नाराज़
रहते है और बुध की माँ से नाराज़ रहने के कारण
अपने जायज पिता बृहस्पति से बुध ग्रह नाराज़ रहता है .इस
बात से बृहस्पति दुखी रहता है अतः जब
तोता जो बुध स्वरूप है जब चने की दाल खाकर पेट
भरेगा और खुश
होगा तो बृहस्पति को खुशी मिलेगी और
गुस्सा तो अपने आप कम हो जाएगा .
6-शुक्र(Venus) - यदि नाराज़ हो तो गाय
को रोटी खिलाओ .
सूर्य गेहूं है
और शुक्र गाय .
किस बलवान व्यक्ति को उसके खुद के अलावा कोई और
राजा हो तो अच्छा लगता है !
शुक्र को भी सूर्य के अधीन
रहना पसंद नहीं है अतः जब आप उसके शत्रु
सूर्य जो गेहूं को गाय जो शुक्र है को खिलाएंगे तो वो अपने आप
ही गुस्सा भूल जाएगा .
7-शनि(Saturn) -जिस किसी से
भी नाराज़
हो तो उसकी पीड़ा तो बस वो खुद
ही जानता है .
शनि समानतावादी है .The planet Saturn is
one and only real democrat in our Solar
System.He does not like Monarchy.
ये बड़ा है और ये छोटा है ऐसी बातें शनि को क्रोधित
कर देती है
क्योंकि शनि सूर्य (राजा ) का पुत्र है और उसके पिता सूर्य ने
उसकी माँ का सम्मान नहीं किया इसलिए
शनि को अपनी माँ छाया से प्यार होने के कारण सूर्य
पर बहुत गुस्सा आता है --किसी का बड़े होने
का अहंकार ज़रा भी नहीं भाता है .
अतः जो सर्वहारा वर्ग (मेहनतकश लोग )है उसको खुश
रखो तो शनि खुद ही खुश हो जाएगा .आपको उन्हें
दान नहीं देना है क्योंकि शनि श्रम
का पुजारी है .शनि ईमानदार है और मेहनतकश लोग
भी दान लेने के बजाय मेहनत कर के खुश रहते
हैं अतः किसी मेहनतकश की मेहनत
का तन ,मन और धन से उचित सम्मान करने से शनि खुश
हो जाता है और खुश हो जाएगा तो गुस्सा तो कम
हो ही जाएगा .
8-राहू -राहू के दिए दुःख गैबी होते हैं
(जिनका कारण समझ में ना आये ).
राहू स्वय अदृश्य रहता है .(अतः उसके दिए
दुखों को समझना भी मुश्किल है ).राहू एक
हिस्सा उसके शरीर का ऊपरी भाग
वो स्वय है और उसके नीचे का हिस्सा केतु है .
(समुद्र मंथन के समय छल से देवताओं का रूप धर अमृत
पीने जब वो आया तो विष्णु ने उसे पहचान लिया और
अपने सुदर्शन चक्र से उसके दो टुकड़े कर दिए (एक बूँद
अमृत उसके शरीर में
जा चुका था अतः उसकी मृत्यु
नहीं हुयी )ऊपर का हिस्सा राहू
कहलाया और नीचे का हिस्सा केतु )